शरीर, मन एवं आत्मा का सामंजस्य है जरूरी: कुलपति
संतुलित जीवनशैली एवं सकारात्मक दृष्टिकोण अपनायें: डा. दिलीपमनोवैज्ञानिक प्राथमिक उपचार विशेष 6 दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम की हुई शुरुआत
सरायख्वाजा, जौनपुर। पूर्वांचल विश्वविद्यालय के अनुप्रयुक्त मनोविज्ञान विभाग एवं वेलनेस सेंटर के संयुक्त तत्वावधान में मनोवैज्ञानिक प्राथमिक उपचार पर छह दिवसीय विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ मंगलवार को हुआ। यह प्रशिक्षण कार्यक्रम 15 नवंबर तक विश्वविद्यालय परिसर में आयोजित किया जा रहा है।
मंगलवार को रज्जू भैया भौतिक विज्ञान अध्ययन एवं शोध संस्थान में प्रशिक्षण कार्यक्रम में कुलपति प्रो. वंदना सिंह ने कहा कि हमें जीवन में केवल खुशी पाने की इच्छा नहीं रखनी चाहिए, बल्कि जो काम हम कर रहे हैं, उसे खुशी के साथ करना चाहिए। जब हम पढ़ाई या ज्ञान प्राप्ति जैसे कार्यों को आनंदपूर्वक करते हैं तो उसकी उत्पादकता स्वाभाविक रूप से बढ़ जाती है। हमारी लाइफस्टाइल ऐसी होनी चाहिए जिससे हमारा शरीर, मस्तिष्क और आत्मा तीनों प्रसन्न और समन्वित रहें।
कार्यक्रम में जौनपुर मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम टीम के विशेषज्ञों ने विद्यार्थियों को मानसिक स्वास्थ्य के विविध पहलुओं पर चर्चा किया। मनोचिकित्सक डॉ. दिलीप चौरसिया ने कहा कि मानसिक रोगों का एक प्रमुख कारण जीवन में अनावश्यक तनाव लेना है। हमें प्रसन्न रहने के लिए संतुलित जीवन शैली और सकारात्मक दृष्टिकोण अपनाना चाहिये। क्लिनिकल साइकोलॉजिस्ट राम प्रकाश पाल ने कहा कि जैसे शारीरिक बीमारियों का इलाज जरूरी है, वैसे ही मानसिक बीमारियों के लिए भी समाज को आगे आना होगा। मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ा ‘स्टिग्मा’ (कलंक) तोड़ना जरूरी है।
सामाजिक कार्यकर्ता/वैज्ञानिक विकास सिंह ने बताया कि उत्तर प्रदेश के सभी 75 जिलों में मानसिक स्वास्थ्य से संबंधित अभियान चल रहे हैं। परिवार का मानसिक स्वास्थ्य में बड़ा योगदान होता है। झाड़-फूंक जैसी पारंपरिक गलत धारणाओं से बचने की सलाह दी और ‘टेली-मानस’ कार्यक्रम की जानकारी दी जिसके माध्यम से लोग फोन पर मानसिक स्वास्थ्य परामर्श प्राप्त कर सकते हैं।
कार्यक्रम का उद्घाटन सत्र सोमवार की शाम विश्वविद्यालय परिसर स्थित द्रौपदी महिला छात्रावास में आयोजित किया गया था। समन्वयक प्रो. अजय प्रताप सिंह ने विषय प्रवर्तन किया। डॉ. आयोजन सचिव डॉ. अन्नू त्यागी ने मनोवैज्ञानिक प्राथमिक उपचार के सिद्धांत लुक, लिसन, लिंक को विस्तारपूर्वक बताया। धन्यवाद ज्ञापन डॉ. मनोज पाण्डेय ने किया। इस अवसर पर अधिष्ठाता छात्र कल्याण प्रो. प्रमोद यादव, डॉ. शशिकांत यादव समेत विभिन्न संकायों के विद्यार्थी उपस्थित रहे।