स्वामी विवेकानंद के विचार आज भी विश्व के युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत: राकेश श्रीवास्तव
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जौनपुर। कलकत्ता में जन्मे स्वामी विवेकानंद जी रामकृष्ण परमहंस को अपना गुरु मानते थे। शिकागो में दिए गए उनके ऐतिहासिक संबोधन के माध्यम से जिस प्रकार उन्होंने हिंदुत्व और सनातन धर्म की व्यापक व्याख्या कर पूरी दुनिया में भारत की आध्यात्मिक चेतना का परचम लहराया, वह आज भी उतनी ही प्रासंगिक है। युवाओं को उनके जीवन दर्शन से प्रेरणा लेने की आवश्यकता है।
उक्त बातें कर्मचारी नेता एवं प्रदेश महासचिव/जिलाध्यक्ष अखिल भारतीय कायस्थ महासभा, जौनपुर श्री राकेश श्रीवास्तव ने स्वामी विवेकानंद पार्क, ख्वाजदोस्त सिपाह में स्वामी विवेकानंद की प्रतिमा पर माल्यार्पण के पश्चात उपस्थित स्वजातीय बंधुओं को संबोधित करते हुए कहीं।
कार्यक्रम में युवा अध्यक्ष अमित भारत ने स्वामी विवेकानंद के जीवन दर्शन पर प्रकाश डालते हुए उनसे जुड़े कई प्रेरक प्रसंग साझा किए तथा युवाओं से अखिल भारतीय कायस्थ महासभा से जुड़ने का आह्वान किया। कार्यक्रम का संचालन महासचिव संजय अस्थाना ने किया।
इस अवसर पर श्याम रतन श्रीवास्तव, दया शंकर निगम, शशि श्रीवास्तव ‘गुड्डू’, राजेश श्रीवास्तव, डॉ. अशोक अस्थाना, आशीष श्रीवास्तव, ब्रह्म कुमार निगम, मोहित नारायण श्रीवास्तव, अर्जुन सहित बड़ी संख्या में स्वजातीय बंधु उपस्थित रहे।
