screenshot

जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी ने निरीक्षण में लापरवाह पाए गए शिक्षकों का वेतन व मानदेय किया अवरुद्ध

Bharat Ka News


 जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी ने निरीक्षण में लापरवाह पाए गए शिक्षकों का वेतन व मानदेय किया अवरुद्ध


           जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी डॉ. गोरखनाथ पटेल द्वारा 23 अगस्त 2025 को विकासखंड रामनगर के परिषदीय विद्यालयों का औचक निरीक्षण किया गया। निरीक्षण का उद्देश्य शिक्षा की गुणवत्ता, शिक्षक उपस्थिति, छात्रों की उपस्थिति, मध्यान्ह भोजन की स्थिति एवं भौतिक संसाधनों की वास्तविक स्थिति का प्रत्यक्ष मूल्यांकन करना था।
          प्राथमिक विद्यालय जवन्सीपुर, विकास क्षेत्र रामनगर का निरीक्षण जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी द्वारा किया गया। श्रीमती संजू सिंह, शिक्षामित्र एफएलएन प्रशिक्षण में गई हुईं थी, शेष समस्त स्टॉफ विद्यालय में उपस्थित पाए गए। एमडीएम मीनू के अनुसार बना हुआ था। कंपोजिट ग्रांट 25000 का उपभोग कर लिया गया है किन्तु इस संबंध में आय व्यय पंजिका और स्टॉक पंजिका नहीं दिखाई जा सकी, टीएलएम के संबंध में प्राप्त धनराशि का उपभोग किया जा चुका है किन्तु उससे संबंधित व्यय का अवलोकन नहीं कराया जा सका। बच्चों का अधिगम स्तर अत्यंत न्यून पाया गया, कक्षा 4 के बच्चों द्वारा हिन्दी का शब्द स्वदेश नहीं लिखा जा सका। 82 नामांकित छात्रों में 47 बच्चों की उपस्थिति दर्ज की गई थी किंतु मौके पर सिर्फ 23 बच्चे मिले। उपस्थिति पंजिका के अवलोकन से ज्ञात हुआ कि अध्यापकों द्वारा छात्रों के अनुपस्थित कॉलम को रिक्त छोड़ा जाता है। विद्यालय की दीवालो की रंगाई पुताई नहीं कराई गई थी, कक्षा कक्ष की दीवालों पर टीएलएम नहीं चस्पा किए गए थे तथा कक्षा कक्ष में जाले लगे हुए थे। विद्यालय में प्राप्त उक्त गंभीर कमियों के कारण प्रभारी प्रधानाध्यापक भुवनेश कुमार पाण्डेय का वेतन अग्रिम आदेश तक रोका गया एवं सभी कमियों के सुधार हेतु समस्त स्टाफ को साक्ष्य सहित स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने का निर्देश दिया गया।
           प्राथमिक विद्यालय सोरहां, रामनगर का निरीक्षण के दौरान शिक्षामित्र रवीन्द्र सिंह अनधिकृत रूप से अनुपस्थित मिले। सहायक अध्यापक अजय कुमार 21 अगस्त से एफएलएन प्रशिक्षण में गए थे। निरीक्षण के समय प्रधानाध्यापक विद्यालय बंद करके चले गए थे। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी द्वारा ताला खोलवा कर निरीक्षण किया गया। विद्यालय में नामांकित 45 बच्चों में से 22 बच्चों की उपस्थिति दर्ज की गई थी। विद्यालय का भौतिक परिवेश अत्यधिक गंदा पाया गया, विद्यालय प्रांगण में घास उगी हुई थी, हैंडवाश की टोटियां टूटी हुई थी। टाइम एंड मोशन शासनादेश का पालन न करने के कारण विद्यालय के प्रभारी प्रधानाध्यापक का वेतन अग्रिम आदेश तक रोका गया तथा अनुपस्थित शिक्षामित्र का निरीक्षण तिथि का मानदेय अवरुद्ध किया गया एवं सभी कमियों के सुधार हेतु समस्त स्टॉफ को साक्ष्य सहित स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने का निर्देश दिया गया।
                 जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी ने स्पष्ट कहा कि “शिक्षा की गुणवत्ता एवं उत्तरदायित्व निर्वहन में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जहाँ लापरवाही मिलेगी, वहाँ कार्रवाई होगी, और जहाँ समर्पण व गुणवत्ता दिखेगी, वहाँ सम्मान भी मिलेगा।“

#buttons=(Ok, Go it!) #days=(20)

Our website uses cookies to enhance your experience. Check Now
Ok, Go it!