न्यायाधीश द्वारा माँ सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण,दीप प्रज्जवलित कर लोक अदालत का हुआ शुभारम्भ
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ला एवं सत्र न्यायाधीश तृतीय/सचिव पूर्णकालिक, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण प्रशांत कुमार सिंह ने अवगत कराया है कि उ0प्र0 राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देशानुसार एवं प्रशासनिक न्यायमूति प्रकाश पडिया, उच्च न्यायालय, इलाहाबाद व जनपद न्यायाधीश अनिल कुमार वर्मा.प् की अध्यक्षता एवं निर्देशन एवं प्रशांत कुमार सिंह, सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, जौनपुर की देखरेख में जनपद न्यायालय परिसर जौनपुर में 13 सितम्बर 2025 को राष्ट्रीय लोक अदालत का भव्य आयोजन किया गया। इस अवसर पर जनपद न्यायाधीश जौनपुर द्वारा माँ सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्जवलित कर लोक अदालत का शुभारम्भ किया गया तथा उनके द्वारा अधिक से अधिक मामलों के निस्तारण हेतु सर्व सम्बन्धित को प्रोत्साहित किया गया।
इस अवसर पर प्रीति श्रीवास्तव, प्रधान न्यायाधीश परिवार न्यायालय, पीठासीन अधिकारी एम0ए0सी0टी0 श्री मनोज कुमार अग्रवाल, समस्त अपर जनपद न्यायाधीशगण तथा समस्त सिविल व फौजदारी न्यायिक अधिकारीगण उपस्थित रहे।
राष्ट्रीय लोक अदालत में विभिन्न न्यायालयों में लम्बित 4446 एवं राजस्व न्यायालयों तथा प्रशासन के अन्य विभागों में प्रीलिटिगेशन वाद के कुल 44154 मामलें निस्तारित हुए तथा समझौता राशि कुल रू0 104654539 रुपये की गई।
पारिवारिक न्यायालयो द्वारा 154 मुकदमों को निस्तारित किया गया जिसमें पीड़ि़ता को मु0 25585000 रूपये की समझौता राशि प्रदान करायी गयी।
इस अवसर पर पीठासीन अधिकारी एम0ए0सी0टी0 द्वारा क्षतिपूर्ति के 122 मुकदमें लगाये गये जिनमें से 108 मामलों का निस्तारण करते हुए कुल रू0 81329000 रुपये की धनराशि क्षतिपूर्ति याचीगण को दिलायी गयी।
न्यायालय अपर जिला जज चतुर्थ जौनपुर द्वारा विद्युत वसूली के 304 वादों का निस्तारण किया गया।
विभिन्न न्यायालयों द्वारा 2890 शमनीय फौजदारी वादों को निस्तारित किया गया जिनमें रू0 774910 का अर्थदण्ड अधिरोपित किया गया। एन0 आई0 एक्ट के 01 मामलों का निस्तारण किया गया तथा अन्य प्रकार के 886 मामलों का निस्तारण किया गया जिसमें समझौता राशि रू0 15540 दिलाया गया।
सिविल न्यायालयों द्वारा कुल 103 मामलों का निस्तारण किया गया जिसमें उत्तराधिकार के मामलों में मु0 23801008 रूपये का प्रमाण पत्र निर्गत किया गया।
प्री-लिटिगेशन स्तर पर वैवाहिक विवाद के 04 मामलों का निस्तारण किया गया तथा राजस्व न्यायालयों फौजदारी के 1853 वादों, राजस्व के 562 वाद एवं अन्य प्रकार के 40519 व नगर पालिका द्वारा जलकर से सम्बन्धित 51 वादों, विद्युत बिल से सम्बन्धित 179 मामलों का निस्तारण किया गया।
बैंक/फाइनेंस कम्पनी एवं बी0एस0एन0एल0 आदि के रिकवरी से सम्बन्धित 986 प्री-लिटिगेशन वाद निस्तारित किये गये तथा जिसमें मु0 101906103 रुपये का समझौता किया गया।
इस प्रकार राष्ट्रीय लोक अदालत में कुल 48600 मामलों का निस्तारण किया गया जिसमें कुल रू0 236159997 रुपये की धनराशि पर समझौता किया गया।

