विश्व ओजोन दिवस पर 'अपने पर्यावरण को जाने' क्विज प्रतियोगिता एवं संगोष्ठी आयोजितजौनपुर। नगर के टीडीपीजी के भूगोल विभाग द्वारा विश्व ओजोन दिवस पर विद्यार्थियों में पर्यावरणीय जागरूकता, वैज्ञानिक दृष्टिकोण एवं विषयगत ज्ञान को बढ़ावा देने के उद्देश्य से 'अपने पर्यावरण को जाने' क्विज प्रतियोगिता एवं संगोष्ठी हुई।
कार्यक्रम की अध्यक्षता महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. राम आसरे सिंह ने किया। कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में प्रो. शम्भू राम चौहान प्राचार्य आरएसकेडी पीजी कालेज द्वारा ओजोन दिवस पर विषय केन्द्रित बहुआयामी व्याख्यान प्रस्तुत किया गया। डॉ. बलवन्त सिंह ने कार्यक्रम का संचालन और स्वागत वक्तव्य प्रस्तुत किया। क्विज प्रतियोगिता का संचालन एवं कार्यवाही डॉ. विजय लक्ष्मी ने सुव्यवस्थित एवं प्रभावी ढंग से सम्पन्न करायी। कार्यक्रम संयोजक प्रो. मनोज सिंह विभागाध्यक्ष भूगोल विभाग ने धन्यवाद ज्ञापित किया।
कार्यक्रम में प्रो. आर.के. सिंह (भूगोल विभाग), प्रो हिमांशु सिंह (सैन्य विज्ञान विभाग), प्रो विजय सिंह (अर्थशास्त्र), प्रो माया सिंह (मनोविज्ञान), डा. राजेन्द्र गुप्ता (मनोविज्ञान), डा. जितेंद्र सिंह, (शारीरिक शिक्षा), डा. संजीव शेन (समाजशास्त्र), डा. अनुज कुमार (प्राचीन इतिहास), डा. विकास सिंह (अर्थशास्त्र) के साथ चंद्र प्रकाश गिरी, भूगोल विभाग से अभय, जयशंकर शरद के साथ भूगोल विभाग के शोध छात्र दानिश, साहिल, आमेंद्र, विनीत आदि उपस्थित रहे।
प्राचार्य प्रो. राम आसरे सिंह ने विद्यार्थियों की सक्रिय सहभागिता की सराहना करते हुए पर्यावरण संरक्षण एवं ओजोन परत की सुरक्षा के प्रति जागरूकता को समय की महत्वपूर्ण आवश्यकता बताया। मुख्य अथिति प्रो. शम्भू राम चौहान ने ने बच्चों को ओज़ोन के निर्माण, उसकी महत्ता और ओज़ोन के नष्ट होने पर होने वाले प्रभावों का उल्लेख किया। प्रतियोगिता में महाविद्यालय के विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक बढ़-चढ़कर सहभागिता के साथ प्रतिभाग किये। प्रतियोगिता में पर्यावरण, ओजोन परत, जलवायु परिवर्तन, जैव विविधता, प्राकृतिक संसाधन, प्रदूषण, सतत विकास तथा भूगोल से संबंधित प्रश्नों के माध्यम से विद्यार्थियों के ज्ञान एवं त्वरित निर्णय क्षमता का परीक्षण किया गया।
प्रतियोगिता को रोचक एवं सहभागी बनाने के लिए इसे लिखित प्रश्नोत्तरी तथा पीपीटी आधारित रैपिड फायर क्विज में कई चरणों के साथ व्याख्यान आयोजित हुआ। लिखित चरण के प्रदर्शन के आधार पर चयनित विद्यार्थियों को यमुना, गंगा, ब्रह्मपुत्र एवं गोमती नामक 4 टीमों में विभाजित कर अंतिम चरण में प्रतिभाग कराया गया। इस तरह विभिन्न टीम प्रथम, द्वितीय, तृतीय स्थान प्राप्त किया। विद्यार्थियों ने टीम भावना, विषयगत दक्षता एवं उत्साह का प्रभावी प्रदर्शन किया।
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