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सात्विक वृत्तियों का संग ही सत्संग है: डा. मदन मोहन

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 सात्विक वृत्तियों का संग ही सत्संग है: डा. मदन मोहन

कथा के चौथे दिन शिव—पार्वती संवाद का चला प्रसंग
चौकियां धाम, जौनपुर। मां शीतला चौकियां धाम में चल रहे श्रीराम कथा के चौथे दिन वाराणसी से पधारे डा. मदन मोहन मिश्र मानस कोविद ने कथा प्रवचन के दौरान बताया कि सात्विक वृत्तियों का संग ही सत्संग है और तामसी वृत्तियों संग ही कुसंग है। कुसंग का ज्वर बड़ा भयानक होता है, इसलिये हमें हमेशा सत्संग करना चाहिये। उन्होंने आगे कहा कि शिव पार्वती शुभ संवाद ही रामायण है। मैया पार्वती ने कहा कि भोलेनाथ पहले आप पूरे विश्व के नाथ हैं। बाद में हमारे नाथ हैं। पूरे विश्व के भरण पोषण की व्यवस्था करेंगे तो उसी में हमारा भी गुजर बसर हो जायेगा। मैया पार्वती के लोक कल्याणकारी प्रश्नों को सुनकर भगवान शंकर अति प्रसन्न हुये जिन्होंने पार्वती जी को धन्यवाद दिया। जब श्रद्धा और विश्वास से उत्पन्न ज्ञान के स्वामी कार्तिकेय द्वारा तर्क के तारकासुर का वध होता है, राम कथा जीवन में उतरती है। इसी क्रम में डा. अखिलेश चंद पाठक ने बडा सारगर्भित प्रवचन किया। कार्यक्रम का संचालन गुड्डू उपाध्याय ने किया। अन्त में शिव आसरे  गिरी ने सभी के प्रति आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर सैकड़ों की संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।

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