शीतला धाम में अष्टमी तिथि पर भक्तों ने किया महागौरी के स्वरूप का दर्शन
चौकियां धाम, जौनपुर। स्थानीय क्षेत्र में स्थित मां शीतला चौकिया धाम में वासंतिक नवरात्रि के अष्टमी तिथि पर माता रानी का महागौरी स्वरूप में भक्तों में दर्शन-पूजन किया। देवी भागवत पुराण के अनुसार देवी पार्वती ने भगवान शिव को पति रूप में पाने के लिये कठोर तपस्या की थी जिसके बाद उन्हें महागौरी के रूप में जाना जाता है। मां महागौरी का प्रिय पुष्प रात को रानी है। इनका राहु ग्रह पर आधिपत्य है। यही कारण है कि राहू दोष से मुक्ति पाने के लिए मां महागौरी की पूजा की जाती है।धार्मिक मान्यता है कि मां महागौरी का सभी ग्रहों पर नियंत्रण है। राहू, दोष से निवारण के लिए इनकी पूजा आवश्यक है। महागौरी की आराधना से असंभव कार्य भी संभव हो जाते हैं। मां दुर्गा के 8वें स्वरूप महागौरी को मोगरे का फूल भी अतिप्रिय है। इस दिन मां के चरणों में मोगरे के फूल अर्पित करना शुभ माना गया है। साथ ही मां को नारियल, बर्फी व लड्डू अवश्य चढ़ाएं, क्योंकि मां का प्रिय भोग नारियल माना गया है।
इसी क्रम में चौकियां धाम में प्रातःकाल 4 बजे मन्दिर के कपाट खुलने के पश्चात मां शीतला माता रानी का भव्य श्रृंगार कर मन्दिर महंत विवेकानन्द पंडा ने आरती पूजन किया गया। मन्दिर खुलने के पूर्व ब्रम्ह मुहूर्त से ही माता रानी के दर्शन के लिये भक्तों की लम्बी कतार लगी रही। वहीं दर्शन पूजन करने के पश्चात दर्शनार्थी पवित्र कुण्ड के बगल में स्थित कालभैरव नाथ मन्दिर व मां काली मन्दिर में भी दर्शन—पूजन किये। सुरक्षा की दृष्टि से मन्दिर परिसर क्षेत्र में चौकियां धाम पुलिस चौकी प्रभारी राम प्रकाश यादव सहयोगी पुलिस व पीएसी दल के साथ मौजूद रहे।
ज्योतिषचार्य व कथा वाचक डा. अखिलेश चन्द्र पाठक ने बताया कि अष्टमी व नवमी का व्रत गुरुवार को होगा। बसिअउरा का पूजन रात्रि में होगा। शुक्रवार को 12 बजकर 2 मिनट पर नवमी समाप्त होगा तब हवन—पूजन के साथ नवरात्रि सम्पन्न होगा। व्रती महिलाएं इसके बाद पारण करेंगी।
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