सेवा भारती के प्रशिक्षण वर्ग में बेटियों को सिखायी गयीं आत्मरक्षा एवं कानून की बारीकियां
शिविर के मुख्य सत्र को सम्बोधित करते हुये सेवा भारती किशोरी विकास केन्द्रीय टोली की सदस्य व वरिष्ठ अधिवक्ता रश्मि सिंह ने किशोरियों को पोक्सो (POCSO) कानून के बारे में विस्तार से समझाया। साथ ही बताया कि "18 वर्ष तक की किशोरियों के साथ यदि समाज के विकृत मानसिकता वाले लोगों द्वारा किसी भी तरह का शारीरिक या मानसिक शोषण किया जाता है तो वे इस कानून के माध्यम से मुखर होकर विरोध दर्ज करा सकती हैं और अपना बचाव कर सकती हैं। समाज में कई ऐसे अपराधी होते हैं जो चेहरे से पहचान में नहीं आते लेकिन उनके कुकृत्य बेटियों को आहत करते हैं। ऐसे तत्वों से डरने के बजाय कानून का सहारा लें।
उच्च न्यायालय लखनऊ खण्डपीठ की अधिवक्ता रश्मि सिंह ने किशोरियों को विषम परिस्थितियों से निपटने के लिये पुलिस हेल्पलाइन नम्बरों की जानकारी देते हुये समाज के असामाजिक तत्वों से खुद को सुरक्षित रखने के लिए विशेष रूप से प्रशिक्षित किया। शिविर में जौनपुर सहित आस-पास की किशोरियां अत्यंत उल्लास और ऊर्जा के साथ भाग ले रही हैं। शिविर का मुख्य उद्देश्य बेटियों में संस्कार के साथ आत्मरक्षा की भावना और सशक्तिकरण को बढ़ावा देना है, ताकि वे समाज में सिर उठाकर सुरक्षित जी सकें। इस अवसर पर तमाम लोग उपस्थित रहे।
.jpg)
.jpg)