नालायक औलादों को समझा लो नहीं तो...', सूर्या हत्याकांड पर गरजे सीएम योगी, विपक्ष पर भी किया तीखा हमला
उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद में ईद के पावन पर्व पर हुए बहुचर्चित 'सूर्या हत्याकांड' को लेकर सोमवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का बेहद तल्ख और कड़ा रुख देखने को मिला। बिजनौर में आयोजित एक जनसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने अपराधियों और माफिया तत्वों को कड़े विधिक लहजे में चेतावनी देते हुए कहा कि प्रदेश में किसी भी तरह की 'चाकूबाजी बर्दाश्त नहीं की जाएगी'।
हिंदू की हत्या पर विपक्ष मौन- सीएम योगी
इस मामले पर विपक्ष की चुस्ती और राजनीति को आड़े हाथों लेते हुए मुख्यमंत्री ने सीधे शब्दों में कहा, "हम सज्जन के लिए सज्जन हैं और दुर्जन के लिए दुर्जन"। मुख्यमंत्री ने जनसभा में कड़ा संदेश देते हुए कहा कि त्योहार के दिन गाजियाबाद में एक हिंदू युवक की निर्मम हत्या कर दी गई, लेकिन इस गंभीर घटना पर पूरा विपक्ष मौन साधे रहा। अपराधियों के संरक्षकों को चेतावनी देते हुए सीएम ने कहा, "नालायक औलादों को समझा लो, नहीं तो उन्हें सबक सिखाना होगा"।
गोवंश और सनातन संस्कृति पर भी बड़ा बयान
प्रशासनिक और कानून व्यवस्था के कड़े विन्यास के साथ-साथ मुख्यमंत्री ने इस जनसभा में सनातन मूल्यों और गोवंश के विधिक संरक्षण पर भी बड़ा कूट वक्तव्य दिया। उन्होंने दो टूक शब्दों में कहा, "गाय को केवल एक सामान्य पशु मानने वाले लोग इंसान नहीं हैं; गाय स्वाभाविक रूप से हमारी माता हैं"। मुख्यमंत्री के इस बयान को प्रदेश में गोवंश की विधिक सुरक्षा और अवैध कटीखानों पर सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति से जोड़कर देखा जा रहा है।
क्या था गाजियाबाद का सूर्या हत्याकांड?
घटनाक्रम के अनुसार, ईद के दिन गाजियाबाद के खोड़ा थाना क्षेत्र में सूर्या नाम के एक युवक पर कुछ असामाजिक तत्वों ने चाकू से ताबड़तोड़ हमला कर उसे गंभीर रूप से घायल कर दिया था। हमले के बाद लहूलुहान सूर्या को तत्काल नजदीकी अस्पताल ले जाया गया, जहां उपचार के दौरान उसने दम तोड़ दिया। त्योहार के दिन हुई इस जघन्य हत्या के बाद पूरे क्षेत्र में तनाव का माहौल व्याप्त हो गया था, जिसे देखते हुए शासन ने मामले को अत्यंत संवेदनशीलता के साथ अपने कूट रडार पर लिया।
50 हजार का इनामी मुख्य आरोपी असद ढेर
मुख्यमंत्री की 'जीरो टॉलरेंस' नीति के तहत गाजियाबाद पुलिस ने त्वरित विधिक कार्रवाई करते हुए इस हत्याकांड के मुख्य आरोपी असद को एक पुलिस मुठभेड़ (Encounter) में ढेर कर दिया है। पुलिस प्रशासन ने असद की कूट गिरफ्तारी पर 50 हजार रुपये का इनाम घोषित कर रखा था। पुलिस विंग ने इस मुठभेड़ के अलावा मामले में संलिप्त तीन अन्य सह-आरोपियों को भी विधिक रूप से गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।
