जीवन में अहंकार ही सबसे बड़ा घातक: डा. मदन मोहन
June 15, 2026
जीवन में अहंकार ही सबसे बड़ा घातक: डा. मदन मोहनचौकियां धाम, जौनपुर। पुष्पक विमान में लौटते समय सीता के पूछने पर राम ने कहा कि रावण को रावण के अहंकार ने मारा, इसलिये हम लोगों को अहंकार नहीं करना चाहिए। उक्त बातें मां शीतला चौकियां धाम में अधिकमास भर चलने वाले श्रीराम कथा महोत्सव के 29वें दिन वाराणसी से पधारे मानस कोविद डा मदन मोहन मिश्र ने कही।
उन्होंने मास पारायण की चर्चा करते हुये कहा कि भरत ने भूमि खोदकर अपना आसन लगाया, क्योंकि राम स्वयं भूमि पर सोते हैं। सेवक का आसन स्वामी से नीचे होना चाहिए। जब हम इस शरीर से विषय वासनाओं की पूर्ति के लिये कार्य करते हैं तो शरीर अधम है और शरीर से ईश्वर प्राप्ति के लिए साधना करते हैं तो शरीर बडभागी हो जाता है। गरुड़ के जीवन का सारा मोह काक भुशुण्डि के आश्रम में कथा सुनने से समाप्त हो गया। अपनों के राग से और दूसरों के द्वेष से बचकर चलना ही सच्ची भक्ति है। इसी क्रम में डॉ. अखिलेश चंद पाठक ने पुरुषोत्तम मास महात्म्य का बडा सारगर्भित प्रवचन किया। मंच का संचालन गुड्डू उपाध्याय ने किया। आयोजक शिवाश्रय गिरी ने सभी के प्रति आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर सैकड़ों की संख्या में श्रद्धालु जन उपस्थित रहे।
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