तबादला निरस्त कराने के लिये कांग्रेसी नेता ने लगाया एड़ी-चोटी का जोर
8वें दिन भी स्थानान्तरित डा. गोपेश ने नवागत अधीक्षक को नहीं सौंपा प्रभारस्थानान्तरण आदेश के बावजूद प्रभार सौंपे बिना अवकाश पर चले गये डा. गोपेश सिंह
अस्पताल में फेंके गये जानलेवा बायोमेडिकल कचरे का सच उजागर करने पर पत्रकार पर दर्ज कराया था मुकदमा
बदलापुर विधायक सहित भाजपा कार्यकर्ताओं के कड़े रूख के बाद सीएमओ ने सुइथाकला किया है तबादला
जौनपुर। जनपद के इस समय के चर्चित सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र नौपेड़वा में पसरी घोर अव्यवस्था और बायोमेडिकल कचरे के असुरक्षित निस्तारण का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। सरकारी स्थानान्तरण नीति और नियमों को ताक पर रखकर पिछले लगभग 6 वर्षों से एक ही स्थान पर अंगद के पांव की तरह जमे अधीक्षक डा. गोपेश सिंह का तबादला सीएचसी सुइथाकला किये जाने के 8 दिन बाद भी स्थिति जस की तस बनी हुई है। नवागत अधीक्षक डा. विक्रान्त गुप्त ने भले ही कार्यभार सम्भाल लिया हो लेकिन निवर्तमान अधीक्षक प्रभार सौंपने के बजाय अचानक अवकाश पर चले गये हैं। वहीं पर्दे के पीछे से उनका तबादला रद्द कराने के लिये एक कांग्रेसी नेता एड़ी-चोटी का जोर लगा रहे हैं।
सूत्रों के अनुसार स्वास्थ्य विभाग में लम्बे समय से दखल रखने वाले एक वरिष्ठ कांग्रेसी नेता अपने पुराने सम्बन्धों का हवाला देकर सत्ता पक्ष के कद्दावर नेताओं, जनप्रतिनिधियों और स्वास्थ्य विभाग के उच्चाधिकारियों पर तबादला आदेश वापस लेने का दबाव बना रहे हैं। केवल इतना ही नहीं, बौखलाहट में जिस पत्रकार पर झूठा मुकदमा दर्ज कराया गया था, उससे भी सुलह-समझौते के लिये बिचौलियों के जरिये दबाव और सिफारिशें भिजवायी जा रही हैं।
अस्पताल की जमीनी हकीकत तब उजागर हुई जब पत्रकार सूरज जायसवाल ने सोशल मीडिया के माध्यम से अस्पताल परिसर में फैले संक्रमित सीरिंज, प्रयुक्त सूइयां और दवाओं के खुले में पड़े कचरे को उजागर किया। वैज्ञानिक निस्तारण न होने के कारण अस्पताल में आने वाले मरीजों, बच्चों एवं आवारा पशुओं पर गम्भीर बीमारियों का खतरा मंडरा रहा था। इस जनहित के मुद्दे को उठाने पर बौखलाये अधीक्षक ने पत्रकार के साथ अभद्र व्यवहार किया और अपनी नाकामी छिपाने के लिये उन पर मुकदमा दर्ज करा दिया।
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