समाज सुधारक और संविधान के शिल्पी थे बाबा साहेबःडॉ. रमेश यादव
अंबेडकर जयंती की पूर्व संध्या पर विविध कार्यक्रम सम्पन्न
जौनपुर
वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय, जौनपुर में भारत रत्न बाबा साहब भीमराव अंबेडकर जी की जयंती के अवसर पर विभिन्न शैक्षणिक प्रतियोगिताओ का सफलतापूर्वक आयोजन हुआ। विश्वविद्यालय परिसर के विभिन्न विभागों एवं संख्या के विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की।
इस अवसर पर रज्जू भैया संस्थान में पोस्टर प्रतियोगिता, प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता, निबंध लेखन प्रतियोगिता एवं भाषण प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। इन प्रतियोगिताओं में बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं ने भाग लिया और डॉ. अंबेडकर के जीवन, विचारों एवं उनके सामाजिक योगदान को रचनात्मक रूप में प्रस्तुत किया। इन प्रतियोगिताओ में सफल प्रतिभागियों को डॉ अम्बेडकर की जन्मजयंती के अवसर पर 14 अप्रैल को आयोजित मुख्य कार्यक्रम में पुरस्कृत किया जायेगा।
इस अवसर पर मुख्य वक्ता विधि संकाय, टी डी कॉलेज के रमेश चंद्र यादव ने कहा कि डॉ. भीमराव अम्बेडकर महान समाज सुधारक, विधिवेत्ता और भारतीय संविधान के शिल्पकार थे। उनका जीवन दर्शन समानता, स्वतंत्रता और बंधुत्व के सिद्धांतों पर आधारित था। उन्होंने समाज में व्याप्त जातिगत भेदभाव और अस्पृश्यता के खिलाफ संघर्ष करते हुए दलितों, वंचितों और कमजोर वर्गों को अधिकार दिलाने का कार्य किया।
इस अवसर पर अधिष्ठाता छात्र कल्याण प्रो प्रमोद कुमार यादव ने कहा कि डॉ अम्बेडकर ने शिक्षा को सामाजिक परिवर्तन का सबसे प्रभावी माध्यम माना। श्रमिकों, महिलाओं और अल्पसंख्यकों के अधिकारों की रक्षा में भी उनका योगदान महत्वपूर्ण रहा। उनके विचार आज भी एक न्यायपूर्ण, समतामूलक और लोकतांत्रिक समाज के निर्माण के लिए प्रेरणा प्रदान करते हैं।
सभी कार्यक्रमों का संचालन डॉ नितेश जायसवाल ने किया। इस अवसर पर डॉ जाह्नवी श्रीवास्तव, डॉ सुनील कुमार, डॉ सुशील कुमार, डॉ रामांशु सिंह, सौरभ सिंह, डॉ दिनेश सिंह, डॉ मंगला यादव व बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएँ उपस्थित रहे।
