नारी शक्ति वन्दन से बदलेगी सामाजिक चेतनाः सुषमा पटेल
कार्यक्रम की मुख्य अतिथि पूर्व विधायक सुषमा पटेल ने नारी शक्ति वंदन पर अपना बयान देते हुए कहा, "नारी शक्ति वंदन न केवल एक अभियान है, बल्कि समाज में महिलाओं के प्रति सम्मान की संस्कृति को मजबूत करने का माध्यम है। प्रत्येक व्यक्ति को इस दिशा में सक्रिय भूमिका निभानी चाहिए, ताकि नारी शक्ति का वंदन हर घर, हर गली में गूंजे।" पहली बार केंद्र की सरकार ने महिलाओं के हितों के लिये यह कदम उठाया है जो सराहनीय कदम है।
कुलसचिव केश लाल ने कहा कि विश्वविद्यालय इस तरह के जागरूकता कार्यक्रमों के माध्यम से सामाजिक मूल्यों को मजबूत करने के प्रति प्रतिबद्ध है। नारी शक्ति वंदन जैसे प्रयास विद्यार्थियों में नैतिकता और सम्मान की भावना विकसित करेंगे। यह विद्यार्थियों को दायित्व के साथ कर्तव्यबोध भी कराता है। परीक्षा नियंत्रक डॉ. विनोद सिंह ने कहा, "शिक्षा का मूल उद्देश्य केवल डिग्री प्रदान करना नहीं, बल्कि समाजसेवी बनाना है। यह पदयात्रा छात्रों को नारी सम्मान के प्रति जागरूक करने का एक उत्कृष्ट उदाहरण है।" उपस्थित सभी लोगों ने 9667173333 नम्बर पर मिस्ड काल कर भारत सरकार की वेबसाइट पर नारी शक्ति वंदन के पक्ष में अपना समर्थन दिया।
कार्यक्रम संयोजक डॉ. जाह्नवी श्रीवास्तव ने कहा कि "नारी शक्ति वंदन अभियान के तहत यह पदयात्रा मुख्य द्वार से होते हुये परिसर में भ्रमण किया। हमारा लक्ष्य है कि इस संदेश को हर स्तर तक पहुंचाया जाय।" इस अवसर पर कुलपति प्रो. अविनाश पाथर्डीकर, प्रो. प्रमोद यादव, प्रो. मनोज मिश्र, प्रो. गिरधर मिश्र, डॉ. मनोज पांडेय, डॉ. सुनील कुमार, डॉ. मंगला यादव, उप कुलसचिव बबिता सिंह, डॉ. अनु त्यागी, डॉ. वनिता सिंह, डॉ. प्रियंका, डॉ. सोनम झा सहित तमाम लोग उपस्थित रहे।
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