विद्युत विभाग की लापरवाही से ग्रामीणों में भड़का आक्रोश
बांस-बल्ली के सहारे चल रही बिजली आपूर्ति
जौनपुर। ग्राम पंचायत पतहना के बिछलापुर में विद्युत विभाग की लापरवाही ग्रामीणों की जान पर भारी पड़ सकती है। यहां दर्जन भर से अधिक घरों की बिजली आपूर्ति खम्भों के बजाय बांस—बल्लियों के सहारे चल रही है जिससे कभी भी बड़ा हादसा होने की आशंका बनी हुई है।
ग्रामीणों का आरोप है कि क्षेत्र में करीब 400 मीटर की दूरी तक मात्र 3 विद्युत खम्भे लगे हैं। पर्याप्त खम्भों के अभाव में बिजली के तार काफी नीचे झूल रहे हैं जिन्हें स्थानीय लोगों ने अपने स्तर पर बांस—बल्लियां लगाकर ऊपर उठाया है। यह व्यवस्था न केवल अस्थायी है, बल्कि बेहद खतरनाक भी साबित हो सकती है। ग्रामीणों का कहना है कि इस समस्या को लेकर कई बार विद्युत विभाग के अधिकारियों से शिकायत की गयी लेकिन अब तक कोई ठोस कार्यवाही नहीं हुई। शिकायतों का निस्तारण केवल कागजी खानापूर्ति तक सीमित रह गया है जबकि जमीनी हकीकत जस की तस बनी हुई है।
ग्रामीणों ने बताया कि कुछ वर्ष पूर्व इसी मोहल्ले में जर्जर विद्युत तारों की चपेट में आने से एक किसान की भैंस की मौत हो गई थी। इसके बावजूद विभाग ने न अतिरिक्त खम्भे लगाये और न ही तारों की स्थिति में सुधार किया। मोहल्ले के लोगों का कहना है कि बरसात और आंधी के मौसम में खतरा और बढ़ जाता है। यदि समय रहते व्यवस्था दुरुस्त नहीं की गई तो कोई बड़ा हादसा हो सकता है जिसकी पूरी जिम्मेदारी विद्युत विभाग की होगी।
ग्रामीणों ने जिलाधिकारी सहित बिजली विभाग के उच्चाधिकारियों एवं शासन से मामले का संज्ञान लेते हुये तत्काल अतिरिक्त विद्युत खंभे लगवाने और जर्जर तारों को बदलवाने की मांग किया है, ताकि सम्भावित दुर्घटना को रोका जा सके।
ग्रामीणों का आरोप है कि क्षेत्र में करीब 400 मीटर की दूरी तक मात्र 3 विद्युत खम्भे लगे हैं। पर्याप्त खम्भों के अभाव में बिजली के तार काफी नीचे झूल रहे हैं जिन्हें स्थानीय लोगों ने अपने स्तर पर बांस—बल्लियां लगाकर ऊपर उठाया है। यह व्यवस्था न केवल अस्थायी है, बल्कि बेहद खतरनाक भी साबित हो सकती है। ग्रामीणों का कहना है कि इस समस्या को लेकर कई बार विद्युत विभाग के अधिकारियों से शिकायत की गयी लेकिन अब तक कोई ठोस कार्यवाही नहीं हुई। शिकायतों का निस्तारण केवल कागजी खानापूर्ति तक सीमित रह गया है जबकि जमीनी हकीकत जस की तस बनी हुई है।
ग्रामीणों ने बताया कि कुछ वर्ष पूर्व इसी मोहल्ले में जर्जर विद्युत तारों की चपेट में आने से एक किसान की भैंस की मौत हो गई थी। इसके बावजूद विभाग ने न अतिरिक्त खम्भे लगाये और न ही तारों की स्थिति में सुधार किया। मोहल्ले के लोगों का कहना है कि बरसात और आंधी के मौसम में खतरा और बढ़ जाता है। यदि समय रहते व्यवस्था दुरुस्त नहीं की गई तो कोई बड़ा हादसा हो सकता है जिसकी पूरी जिम्मेदारी विद्युत विभाग की होगी।
ग्रामीणों ने जिलाधिकारी सहित बिजली विभाग के उच्चाधिकारियों एवं शासन से मामले का संज्ञान लेते हुये तत्काल अतिरिक्त विद्युत खंभे लगवाने और जर्जर तारों को बदलवाने की मांग किया है, ताकि सम्भावित दुर्घटना को रोका जा सके।
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