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किताबें पढ़ने से व्यापक होता है ज्ञान, आत्मचिन्तन भी जरूरी: कुलपति

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 किताबें पढ़ने से व्यापक होता है ज्ञान, आत्मचिन्तन भी जरूरी: कुलपति

पूविवि में छात्राओं ने जाना विज्ञान एवं अनुसंधान का महत्व

सिद्दीकपुर, जौनपुर। भारत सरकार के विज्ञान ज्योति कार्यक्रम के अन्तर्गत जवाहर नवोदय विद्यालय मड़ियाहूं की छात्राओं ने मंगलवार को पूर्वांचल विश्वविद्यालय परिसर का शैक्षणिक भ्रमण किया। कार्यक्रम में छात्राओं को विश्वविद्यालय की शैक्षणिक गतिविधियों, आधुनिक प्रयोगशालाओं, वैज्ञानिक उपकरणों तथा विभिन्न विभागों में संचालित शोध कार्यों की जानकारी प्रदान की गई।
कुलपति प्रो. राकेश सिंह ने छात्राओं से संवाद करते हुए कहा कि अध्ययन के दौरान पुस्तकों को पढ़ना बेहद जरूरी है। पुस्तकें ज्ञान का आधार हैं और इनके नियमित अध्ययन से विद्यार्थियों की समझ एवं दृष्टिकोण व्यापक होता है। जो विद्यार्थी किताबें नहीं पढ़ते, उनका ज्ञान संकुचित रह जाता है। अतिरिक्त जानकारी प्राप्त करने के लिए ऑनलाइन मीडिया और डिजिटल संसाधनों का सहारा लिया जा सकता है। केवल पढ़ना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि जो कुछ भी पढ़ें, उस पर आत्मचिंतन और मनन अवश्य करें।
अधिष्ठाता छात्र कल्याण प्रो. प्रमोद यादव एवं प्रो. मिथिलेश सिंह ने विज्ञान एवं तकनीकी शिक्षा के महत्व पर प्रकाश डाला। विज्ञान संकायाध्यक्ष प्रो. प्रदीप कुमार ने आधुनिक जैव प्रौद्योगिकी तकनीकों से परिचित कराया। छात्राओं को डीएनए फिंगरप्रिंटिंग की उपयोगिता को भी जाना। प्रयोगशाला में छात्राओं ने माइक्रोस्कोप, पीसीआर मशीन, थर्मल साइकलर सहित अन्य आधुनिक वैज्ञानिक उपकरणों को देखा। उन्हें पीसीआर तकनीक के माध्यम से डीएनए की विशिष्ट श्रृंखलाओं की अनेक प्रतियां तैयार करने की प्रक्रिया और जैव प्रौद्योगिकी अनुसंधान में इसके महत्व को सरल भाषा में समझाया गया।
शैक्षणिक भ्रमण के दौरान डॉ. सुजीत चौरसिया, डॉ. धीरेंद्र चौधरी, डॉ. काजल डे, डॉ. विजय शंकर ने छात्राओं को विभिन्न वैज्ञानिक उपकरणों, प्रयोगशालाओं एवं शोध गतिविधियों से विस्तारपूर्वक परिचित कराया। कार्यक्रम के अन्तर्गत छात्राओं ने प्रो. राजेंद्र सिंह (रज्जू भैया) भौतिकीय विज्ञान अध्ययन एवं शोध संस्थान, विज्ञान संकाय, फार्मेसी संकाय तथा इंजीनियरिंग संकाय का भ्रमण किया। संस्थान एवं विभिन्न संकायों में छात्राओं को रसायन विज्ञान सहित विभिन्न वैज्ञानिक विषयों की प्रयोगशालाओं, जैव प्रौद्योगिकी, औषधीय विज्ञान, दवा निर्माण एवं विश्लेषण तथा इंजीनियरिंग की विभिन्न शाखाओं से संबंधित शैक्षणिक एवं अनुसंधान गतिविधियों की जानकारी दी गई। इंजीनियरिंग संकाय में छात्राओं को तकनीकी नवाचारों और ड्रोन तकनीक से भी परिचित कराया गया। वहीं विज्ञान ज्योति कार्यक्रम नोडल अधिकारी डॉ. नितेश जायसवाल ने बताया कि विश्वविद्यालय नॉलेज पार्टनर के रूप में मार्गदर्शन कर रहा है। इस अवसर पर नवोदय विद्यालय के कार्यक्रम समन्वयक बालकृष्ण सहित तमाम लोग उपस्थित रहे।
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