महिलाओं की गंभीर बीमारी पर विशेषज्ञों ने दी महत्वपूर्ण जानकारी
नर्सिंग छात्राओं को संवेदनशील देखभाल का दिया गया संदेश
जौनपुर
महिलाओं के स्वास्थ्य से जुड़ी गंभीर लेकिन अक्सर नजरअंदाज की जाने वाली बीमारी एंडोमेट्रियोसिस को लेकर आशीर्वाद नर्सिंग कॉलेज में एक जागरूकता संगोष्ठी का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम इंडियन सोसाइटी फॉर असिस्टेड रिप्रोडक्शन (ISAR) के बैनर तले एंडोमेट्रियोसिस जागरूकता माह के अंतर्गत आयोजित किया गया, जिसमें नर्सिंग छात्राओं और स्वास्थ्यकर्मियों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया।
संगोष्ठी की मुख्य वक्ता स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. अंजू कन्नौजिया ने अपने संबोधन में कहा कि एंडोमेट्रियोसिस को महिलाएं अक्सर सामान्य मासिक धर्म का दर्द समझकर अनदेखा कर देती हैं, जबकि यह आगे चलकर गंभीर रूप ले सकता है। उन्होंने बताया कि अत्यधिक दर्दयुक्त मासिक धर्म, लगातार श्रोणि (पेल्विक) दर्द और बांझपन इसके प्रमुख लक्षण हैं। ऐसे संकेतों को समय रहते पहचानना और उचित उपचार कराना बेहद आवश्यक है।
उन्होंने आधुनिक चिकित्सा पद्धतियों के जरिए इसकी जांच और उपचार के विकल्पों पर विस्तार से प्रकाश डाला। साथ ही नर्सिंग छात्राओं को मरीजों के प्रति संवेदनशीलता, सहानुभूति और समग्र देखभाल (होलिस्टिक केयर) के महत्व को समझाया। कार्यक्रम के दौरान आयोजित प्रश्नोत्तर सत्र में प्रतिभागियों ने खुलकर अपने सवाल रखे, जिनका विशेषज्ञों ने सरल भाषा में समाधान किया।
इस अवसर पर कॉलेज की प्राचार्य कुसुम अग्रहरी एवं उप-प्राचार्य रीना वर्मा की उपस्थिति रही। कार्यक्रम में अशोक कुमार, राजेंद्र कुमार, पवन कुमार यादव, श्याम जीत यादव, शैलेंद्र कुमार, सुनीता, नेहा, निधि, अस्मिन, मोनिका, रिंकी, शिवांगी, पूनम, संजना, दीपक कुमार, अभिनव मौर्य और सुरेश कन्नौजिया सहित अन्य शिक्षक व स्टाफ मौजूद रहे।
कॉलेज के चेयरमैन डॉ. विनोद कन्नौजिया ने छात्रों को संबोधित करते हुए कहा कि संस्थान में विद्यार्थियों को केवल शैक्षणिक ज्ञान ही नहीं, बल्कि व्यवहारिक कौशल और मानवीय संवेदनाओं के साथ तैयार किया जाता है। उन्होंने विश्वास जताया कि यहां से निकलने वाले छात्र-छात्राएं स्वास्थ्य सेवा के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान देंगे।
कॉलेज प्रबंधन ने कहा कि इस प्रकार के जागरूकता कार्यक्रम समाज में महिलाओं के स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाने और सकारात्मक सोच विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
