screenshot

कृष्ण झूला उत्सव एवं गोवर्धन पूजा प्रसंग से भक्त हुये भाव—विभोर

Bharat Ka News



 कृष्ण झूला उत्सव एवं गोवर्धन पूजा प्रसंग से भक्त हुये भाव—विभोर

जौनपुर। श्रीमद्भागवत कथा के पंचम दिवस पर कथा व्यास आचार्य अरविन्द उपाध्याय ने भगवान श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं, झूला उत्सव तथा गोवर्धन पूजा के दिव्य प्रसंग का भावपूर्ण वर्णन किया। कथा के दौरान भगवान श्रीकृष्ण को भक्तों द्वारा सुसज्जित झूले में विराजमान कर झूला झुलाया गया। श्रद्धालुओं ने भजन-कीर्तन के बीच नंदलाल के दर्शन कर पुण्य लाभ प्राप्त किया।
कथा वाचक ने बताया कि भगवान श्रीकृष्ण ने इन्द्र के अहंकार का नाश करने हेतु ब्रजवासियों को गोवर्धन पर्वत की पूजा का महत्व बताया। भगवान ने अपनी कनिष्ठा अंगुली पर गोवर्धन पर्वत धारण कर समस्त ब्रजवासियों की रक्षा किया। यह प्रसंग हमें प्रकृति संरक्षण, गौसेवा एवं ईश्वर के प्रति अटूट विश्वास का संदेश देता है।
इस दौरान श्रद्धालुओं ने रंगोली के माध्यम से आकर्षक गोवर्धन महाराज की झांकी सजाई तथा विधि-विधान से पूजा-अर्चना किया। कथा स्थल पर कृष्ण भजनों की मधुर प्रस्तुति से वातावरण भक्तिमय बना रहा। बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित होकर कथा श्रवण करते रहे और भगवान श्रीकृष्ण के जयकारों से पूरा परिसर गूंज उठा।
अंत में आरती एवं प्रसाद वितरण किया गया। आयोजकों ने सभी श्रद्धालुओं का आभार व्यक्त करते हुये आगामी कथा प्रसंगों में अधिक से अधिक संख्या में उपस्थित होने का आग्रह किया। उक्त अवसर पर तमाम लोग उपस्थित रहे।

#buttons=(Ok, Go it!) #days=(20)

Our website uses cookies to enhance your experience. Check Now
Ok, Go it!