30 जुलाई से शुरू हो रहा सावन, भूलकर भी न करें ये 4 गलतियां!
सावन 2026 में शिव कृपा पाने का सुनहरा अवसर, जानिए क्या करें और किन गलतियों से रहें दूर
नई दिल्ली।
30 जुलाई से भगवान शिव का सबसे प्रिय और पवित्र महीना सावन शुरू हो रहा है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार सावन का महीना शिव भक्ति, तप, संयम और साधना का विशेष समय माना जाता है। मान्यता है कि इस दौरान सच्चे मन से की गई पूजा-अर्चना और व्रत से भगवान भोलेनाथ शीघ्र प्रसन्न होकर भक्तों की मनोकामनाएं पूर्ण करते हैं। लेकिन अगर इस पवित्र महीने में कुछ विशेष नियमों की अनदेखी की जाए तो पूजा का पूर्ण फल नहीं मिलता।
सावन में जरूर करें ये शुभ कार्य
- प्रतिदिन शिवलिंग पर जल और गंगाजल से जलाभिषेक करें तथा बेलपत्र अर्पित करें।
- कम से कम एक बार पार्थिव शिवलिंग का रुद्राभिषेक अवश्य करें।
- सावन के प्रत्येक सोमवार का व्रत रखें और कच्चा दूध, बेलपत्र, भांग, धतूरा व आक के फूल अर्पित करें।
- नियमित रूप से 'ॐ नमः शिवाय' या महामृत्युंजय मंत्र का जाप करें।
- शिव पुराण का पाठ करें और अपनी सामर्थ्य अनुसार दूध, चावल, चीनी, आटा जैसी सफेद वस्तुओं का दान करें।
- जरूरतमंदों की सेवा, मंदिर की सफाई और श्रमदान भी अत्यंत पुण्यदायी माना गया है।
सावन में भूलकर भी न करें ये 4 गलतियां
1. तामसिक भोजन का सेवन
सावन में लहसुन, प्याज, मांस, मछली और शराब का सेवन पूरी तरह त्याग दें। सात्विक भोजन करें। धार्मिक मान्यता के अनुसार बैंगन का सेवन भी इस महीने में वर्जित माना गया है।
2. क्रोध और कटु वाणी
सावन में गाली-गलौज, झूठ, क्रोध और घर में कलह से बचें। मधुर वाणी और शांत स्वभाव भगवान शिव को प्रिय माना गया है।
3. पूजा में वर्जित सामग्री चढ़ाना
शिवलिंग पर तुलसी के पत्ते, सिंदूर, हल्दी, कुमकुम, केतकी और केवड़े के फूल अर्पित न करें। शंख से जल चढ़ाना भी धार्मिक मान्यताओं के अनुसार वर्जित माना गया है।
4. दिखावे की भक्ति
सावन में केवल दिखावे के लिए पूजा-पाठ न करें। भगवान शिव सच्ची श्रद्धा, पवित्र मन और समर्पण भाव से की गई भक्ति से ही प्रसन्न होते हैं।
निष्कर्ष
सावन केवल व्रत और पूजा का महीना नहीं, बल्कि आत्मसंयम, सेवा और सदाचार का भी पर्व है। यदि इस पूरे महीने श्रद्धा, नियम और सात्विक जीवनशैली का पालन किया जाए तो भगवान भोलेनाथ की विशेष कृपा प्राप्त होने की धार्मिक मान्यता है। इसलिए इस सावन भक्ति के साथ-साथ अपने व्यवहार और आचरण को भी पवित्र रखें, ताकि भोलेनाथ की असीम कृपा आपके जीवन पर बनी रहे।
