जांच के नाम पर सिर्फ रस्म अदायगी, 15 दिन बाद भी कार्यवाही 'ढाक के तीन पात'
आवाज उठाने वालों पर मुकदमा दर्ज कराकर चौतरफा घिरे अधीक्षकगाइडलाइन को ताख पर रखकर 5 साल से जमे हैं साहब
विभागीय कार्यवाही न होने से तेजी से सुलग रहा जनाक्रोश
जौनपुर। जनपद के सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र बक्सा-नौपेड़वा में खुले में फेंके गये बायोमेडिकल वेस्ट (संक्रमित कचरे) के मामले में स्वास्थ्य विभाग के आला अधिकारियों की मंशा पर गम्भीर सवाल उठने लगे हैं। सनसनीखेज लापरवाही उजागर होने के एक पखवारे बाद भी दोषियों के खिलाफ कार्यवाही सिफर है। मामले को दबाने के लिये अब विभागीय स्तर पर 'जांच-जांच' का खेल खेला जा रहा है। घटना के तुरंत बाद जहां सीएमओ डॉ. गंगा राम गौतम ने औपचारिकता निभायी, वहीं दो दिन पूर्व नायब तहसीलदार व अपर मुख्य चिकित्साधिकारी भी अस्पताल पहुंचे लेकिन यह जांच भी महज बन्द कमरों में पूछताछ और रस्म अदायगी तक ही सीमित रही जिससे साफ है कि मामले को ठण्डे बस्ते में डालने की स्क्रिप्ट तैयार की जा चुकी है।
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